१) साफ इन्कार मैं जब उनके घर मे भरता था पाणी; बाजार मे जाके ला देता था सब्जियां चक्की…
One was down with sorrow, I didn't know him, But knew what sorrow was. I went down…
१) सोशल डिस्टेंसिंग की कविता फिर एक बार इस कोरोनाकाल में वे और हम के बीच 'सामा…
१) नयी बस्तियों के लिए प्रिये मेरे पूर्वजों ने लगाया हुआ प्रकाश का दरख़्त उसके फल …